मुग़ल सम्राट हुमायूँ / Mughal samrat humayun

QUESTION-ANSWERS




1.  कितने साल की उम्र में हुमायूं राजगद्दी पर बैठा ?

Answer -23 साल

2.  दिल्ली की गद्दी पर बैठने से पहले हुमायूं कहां का सबेदार था ?

Answer -बदख्शां

3.  हुमायूं का पूरा नाम क्या था ?

Answer -नसीरुद्दीन हुमायूं

4. दिल्ली के नजदीक हुमायूं ने किस नगर की स्थापना की ?

Answer -दीन पनाह


5. चौसा का युद्ध किसके बीच हुआ था ?

Answer -शेरशाह सूरी और हुमायूं

6. चौसा के युद्ध में किसकी पराजय हुई ?

Answer -हुमायूं

7. चौसा का युद्ध कब हुआ था ?

Answer -1539 ई.

8.  किस युद्ध में हारने के बाद हुमायूं को भारत से बाहर शरण लेनी पड़ी ?

Answer -कन्नौज (बिलग्राम)

9.  कन्नौज का युद्ध कब हुआ ?

Answer -1540 ई.

10.  अपने निर्वासन काल के शुरू में हुमायूं ने कहां शरण ली ?

Answer -राणा वीरसाल

11.  हुमायूं ने भारत के बाहर कहां शरण ली ?

Answer -ईरान के शाह

12.  किसकी मदद से हुमायूं ने दोबार सत्ता हासिल की ?

Answer -ईरान के शाह और बैरम खां । (1555 ई. में हुमायूं दोबारा दिल्ली की गद्दी पर बैठा)

13. हुमायूं की मृत्यु कैसे हुई ?

Answer -1556 ई. में दिल्ली के शेरमंडल नामक पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरने से । 

14.  हुमायूं द्वारा लड़े गए चार युद्धों का क्रम क्या है ?

Answer -दौहरिया, चौसा, बिलग्राम और सरहिंद का युद्ध ।


15.  किसने दिल्ली में हुमायूं का मकबरा बनवाया ?

Answer -हाजी बेगम


16.  हुमायूंनामा की रचना किसने की ?

Answer -हुमायूं की सौतेली बहन गुलबदन बेगम ।


हुमायूं से जुड़ी महत्‍वपूर्ण जानकारियां और तथ्‍य



हुमायूं एक मुगल शासक था. नसीरूद्दीन हुमायूं का जन्म 1508 ई में हुआ और 29 दिसम्बर 1530 ई में आगरा में 23 साल की उम्र में सिंहासन पर बैठा. पहले मुगल सम्राट बाबर के बेटे नसीरुद्दीन हुमायूं का मुगल साम्राज्य की नींव में काफी योगदान है. बाबर के 4 बेटे थे जिसमें हुमायूं सबसे बड़ा था. बाबर ने उसे अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था

हुमायूं एक मुगल शासक था. नसीरूद्दीन हुमायूं का जन्म 1508 ई में हुआ और 29 दिसम्बर 1530 ई में आगरा में 23 साल की उम्र में सिंहासन पर बैठा. पहले मुगल सम्राट बाबर के बेटे नसीरुद्दीन हुमायूं का मुगल साम्राज्य की नींव में काफी योगदान है. बाबर के 4 बेटे थे जिसमें हुमायूं सबसे बड़ा था. बाबर ने उसे अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था.

बाबर की मृत्यु के पश्चात हुमायूं ने भारत की राजगद्दी संभाली और राज्य का बंटवारा अपने भाइयों के बीच कर दिया, उनके सौतेले भाई कामरान मिर्ज़ा ने काबुल और लाहौर का शासन ले लिया. कामरान आगे जाकर हुमायूं के कड़े प्रतिद्वंदी बने. हुमायूं का शासन अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के हिस्सों में रहा. 1533 ई में हुमायूं ने दीनपनाह नाम के एक नए नगर की स्थापना की.

चौसा का युद्ध चौसा का युद्ध भारतीय इतिहास में लड़े गये महत्त्वपूर्ण युद्धों में से एक है, जो 26 जून, 1539 ई. को हुमायूं और शेरशाह के बीच 'चौसा' जगह पर लड़ा गया था. चौसा के युद्ध में हुमायूं ने कुछ गलतियां की और हार गया. अपनी कुछ ग़लतियों के कारण हार गया. हुमायूं युद्ध क्षेत्र से भाग निकला और एक भिश्ती का सहारा लेकर किसी तरह गंगा नदी पार करके अपनी जान बचाई.

बिलग्राम का युद्ध हुमायूं और सूर साम्राज्य के संस्थापक शेरशाह के बीच हुआ था. यह युद्ध 1540 ई. में लड़ा गया. बिलग्राम का युद्ध जीतने के बाद शेरशाह ने हुमायूं को भारत छोड़ने के लिए विवश कर दिया था.

बिलग्राम युद्ध के बाद अकबर सिंध चला गया जहां उसने उसने निर्वासित जीवन जिया







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